पैसे का सच: मुद्रास्फीति का सच। जब आपका पैसा जलता है
रोटी महंगी नहीं हो रही है, बल्कि सस्ती हो रही है। आप.
कीमतें प्रतिदिन बढ़ रही हैं, जबकि वेतन और पेंशन मात्र संख्याएं हैं जिनका कोई मूल्य नहीं है।.
वीडियो में छिपे तंत्र का खुलासा किया गया है:
- सरकारें खरबों नोट क्यों छापती हैं?,
- कैसे बैंक और निगम कुछ पैसों में सब कुछ खरीद लेते हैं,
- मुद्रास्फीति और अवमूल्यन सामूहिक विनाश के हथियार बन जाएंगे।.
इतिहास में दर्जनों उदाहरण हैं: जर्मनी, हंगरी, बोलीविया, यूगोस्लाविया, रूस, जिम्बाब्वे... और आज वही परिदृश्य तुर्की, अर्जेंटीना और वेनेजुएला में दोहराया जा रहा है।.
वीडियो को अंत तक देखें और समझें कि यह प्रणाली किस प्रकार काम करती है, जो धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से लोगों को गरीब बनाती है।.
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